पुकार!
कभी देखा है अपनी आंखों के सामने एक रिश्ते में से सब कुछ धीरे धीरे खत्म होते हुए? एक ऐसा रिश्ता जिसको बचाने की कोशिश आपने खूब की हो, पर सिर्फ हारे हो हर बार। जिसके खत्म होने की पूरी तैयारी हो चुकी हो पर आपको अब भी उम्मीद हो कि बच जाए पर ये मुमकिन न हो। गलती किसकी है यह भी पता लगाना मुश्किल हो और दिल का टूटना तह हो। अगर ऐसे हालत में कभी आओ तो एक पुकार लगाना अपने नाम की जोर से जितनी जोर से लगा सको उतनी जोर से। खुद मे जो रहता था जो अब कही दूर हो गया है इस खत्म होते रिश्ते के चलते उसे पुकारना। वो आए ना आए पर उस वक्त उस पुकार की आपको जरूरत है । यह याद रखना। क्योंकि रिश्ता तो खत्म होगा वो आपके ऊपर है कब तक टालना है सच को। जरूरी यह है कि आप जो अब अकेले हो जो सबसे जरूरी इंसान से दूर हो चुके हो उसके पास जाने की कोशिश करो ताकि इस संसार में चल सको, वरना रह जाओगे सबसे पीछे , सबसे अलग। न वक्त अच्छा लगेगा न अपने लोग और न ही खुदका चेहरा। रह जाएगा एक इंतजार जो इतना लंबा होगा कि जीना नामुमकिन कर देगा । पर यह सिर्फ एक झूठ होगा सच तो यह होगा कि तुम आने वाले हर दिन में बस उस दिन को जी रहे होंगे जब तुम...